दर्शन, एक ऐसी यात्रा जो आप कभी भुला नहीं पाएँगे

 

दर्शन का शाब्दिक अर्थ “दिव्य दृष्टि” होता है। यह ऐसा अनुभव है जिसमें आप दिव्य को देखते हैं और दिव्य आपको देखते है। एक पूर्णतः आत्मसाक्षात्कार प्राप्त गुरु का दर्शन अत्यंत दुर्लभ, विशेष और विस्मयकारी निजी अनुभव होता है

परमहंस श्री विश्वानन्द, एक पूर्ण साकार गुरु, अपने दर्शन द्वारा आप पर   अविस्मरणीय दिव्य प्रेम की बौछार करते हैं।

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दिव्य प्रेम की झलक

 

दर्शन प्रायः बहुत जल्दी भर जाते हैं। परंतु चिंता मत कीजिये, हमने आपके लिए कुछ स्थान आरक्षित करके रखे हैं ताकि हम यह सुनिश्चित कर सकें कि सभी को इस आशीर्वाद को अनुभव करने का अवसर प्रदान हो। आपको यहआरक्षितस्थान तीन दर्शनों तक प्राप्त हो सकता है।

दर्शन के बारे में और जानें
“उनके प्रेम से प्रथम बार मेरे नेत्रों मे अश्रु आये। मैंने ऐसा पवित्र तथा गहन प्रेम पहले कभी नहीं अनुभव किया। यह वो चमत्कार है जिसके लिए मैं प्रार्थना कर रहा था”। Bill, USA
'दर्शन के पश्चात् मेरी 85 वर्षीय दादी रो रही थीं। मैंने उनसे प्रश्न किया, ऐसा क्यों ? उन्होंने उत्तर दिया कि उन्हें अनुभूति हुई जैसे भगवान उनकी ओर देख रहे थे और वह भगवान की आंखों में देख रही थी। सत्य गेरज़ो, जर्मनी
‘चार वर्ष पूर्व अपने प्रथम दर्शन के पश्चात्, मुझे एहसास हुआ कि यह कितना प्रभावशाली है और किस प्रकार हर एक दर्शन दूसरे दर्शन से भिन्न है। यह मेरे मन और आत्मा में वास्तविक परिवर्तन लाता है, और यह परिवर्तन, धीरे-धीरे, मेरे जीवन में नई चीजें, लोग और अवसर लाते हैं।' सिल्विया स्कारपेलिनी, इटली

दर्शन क्या है?

परमहंस श्री विश्वानन्द सीधे आपकी आत्मा को  देखते हैं और आपको ईश्वर की एक झलक दिखाते हैं; हर दर्शन आपके पथ को स्पष्ट करने में मदद करता  है ताकि आप दिव्या प्रेम की  इस अनुभूति के और समीप जा सकें।

दर्शन का उद्देश्य क्या है?

दर्शन आपको दिव्यता की एक झलक देता है; हर दर्शन आपका पथ स्पष्ट करने में मदद करता  है ताकि आप ईश्वरीय प्रेम के उद्देश्य के और समीप जा पाएँ।

मुझे दर्शन से क्या प्राप्त होगा?

कुछ के लिए, यह आशीर्वाद है। औरों के लिए, यह   एक परिवर्तन या उपचारत्मक है। सबसे अहम रूप से, यह प्रेम का सहभाजन है। यह पवित्र करता है, कुछ भी हो सकता है।

कैसी अनुभूति होती है?

हर व्यक्ति का अनुभव उनके लिए अद्वितीय होता है। भले ही, आप कुछ महसूस कर पाएं या नहीं   यह आपके भीतर, गहराई में कुछ स्पर्श करता  है, बेशक आप जान पाएँ या नहीं।

 

 

 

 

मुझे क्या पहनना चाहिए?

हालाँकि दर्शन के लिए कोई ड्रेस कोड नही है किंतु हम आग्रह करेंगे के आप विनयपूर्वक तैयार हों।

मैं दर्शन के दौरान क्या करूँ?

परमहंस श्री विश्वानन्द उपस्थित सभी लोगोँ की आँखों मे कुछ क्षणों के लिए देखेंगे। हाँ, आप की  भी। अगर आपके पास उन्हें पूछने के लिए कोई प्रश्न है तो आप यह प्रश्न एक कागज़ पर लिख कर उन्हें दिखा सकते हैं (कृपया बड़े-बड़े अक्षरों में, साफ-साफ और स्पष्ट लिखें, जब वह आपकी और देखें तो कागज़ अपने चेहरे/कैमरा के पास पकड़े ताकि वह उसे अपनी स्क्रीन पर देख सकें) वे आपको श्री विट्ठल गिरिधारी परब्रह्मने नमःमन्त्र का जाप करने के लिए भी कह सकते हैं।

इसके पश्चात् वे आपको कुछ क्षण ध्यान लगाने के लिए कहेंगे और फिर उनके  नेत्रों में देखने के लिए कहेंगे। दर्शन समाप्त होने के बाद, कुछ क्षण मौन रहें। परमहंस श्री विश्वानन्द अक्सर सबसे बातचीत करने के लिए अंत में पुनः लौट कर आते हैं।

हम दान क्यों माँगते हैं?

आपके द्वारा दिया गया योगदान हमें परमहंस श्री विश्वानन्द के मिशन को निरंतर आगे बढाने में सहायता करता है जिस में  यह ऑनलाइन दर्शन, नियमित सत्संग तथा अन्य कार्यक्रम  भी सम्मिलित हैं।

आशीर्वाद प्राप्त करना निशुल्क है, हालाँकि स्वेच्छा से दिया गया दान का सदैव अभिनंदन है। दान सदा अपने हृदय से आना चाहिए- यह आपको मिले उपहार की कृतज्ञता की एक अभिव्यक्ति है।